Chapter 81: Trust, Allies, and the Qualifications of the King’s Artha-Secretary (अर्थसचिव)
तथैवात्युदकाद् भीतस्तस्य भेदनमिच्छति । यमेवंलक्षणं विद्यात् तममित्र विनिर्दिशेत्,इसी प्रकार आड़ न टूटनेसे जिसके खेतमें अधिक जल भर जाता है, वह भयभीत हो उस जलको निकालनेके लिये खेतकी आड़को तोड़ डालना चाहता है। जिसमें ऐसे लक्षण जान पड़ें, उसीको शत्रु समझो, अर्थात् जो अपने राज्यकी सीमाका रक्षक है, वह यदि सीमा तोड़ दे तो अपने राज्यपर भय आ सकता है; अतः उसे भी शत्रु ही समझना चाहिये
tathaivātyudakād bhītastasya bhedanam icchati | yam evaṃlakṣaṇaṃ vidyāt tam amitraṃ vinirdiśet ||
ฉันนั้นเอง ผู้ใดหวาดหวั่นเพราะน้ำท่วมขังในนาของตนจนอยากเจาะคันนาเพื่อระบายน้ำออก ผู้มีลักษณะเช่นนี้พึงรู้ว่าเป็นศัตรู; เพราะแม้ผู้พิทักษ์เขตแดนแห่งแว่นแคว้น หากกลับทำลายเขตแดนเสียเอง ภัยย่อมบังเกิดแก่รัฐ
भीष्म उवाच