Viṣṇor Māhātmya and Indriya-saṃyama (विष्णोर्माहात्म्यं तथा इन्द्रियसंयमः)
तस्य भार्या व्रतकृशा शुचि: पुष्करधारिणी । यज्ञपत्नी समानीता सत्येनानुविधीयते,उस ब्राह्मणके एक पत्नी थी, जिसका नाम था पुष्करधारिणी। उसके आचार-विचार परम पवित्र थे। वह व्रत-उपवास करते-करते दुर्बल हो गयी थी। ब्राह्मणका नाम सत्य था। यद्यपि वह ब्राह्मणी अपने पति सत्यके हिंसाप्रधान यज्ञकी इच्छा प्रकट करनेपर उसके अनुकूल नहीं होती थी, तो भी ब्राह्मण उसे यज्ञपत्नीके स्थानपर आग्रहपूर्वक बुला ही लाता था
tasya bhāryā vratakṛśā śuciḥ puṣkaradhāriṇī | yajñapatnī samānītā satyenānuvidhīyate ||
ภรรยาของเขาชื่อปุษกรธาริณี นางบริสุทธิ์ในจรรยา และซูบผอมเพราะถือพรตและอดอาหาร นางถูกเชิญมาเป็นยัญปัตนีในพิธี และนางก็ปฏิบัติตามสัจยะผู้เป็นสามี
नारद उवाच