Bhūta-guṇa-saṃkhyāna
Enumeration of the Properties of the Elements and Cognitive Faculties
: डि अष्टचत्वारिशर्दाधिकद्विशततमो< ध्याय: बुद्धिकी श्रेष्ठता और प्रकृति-पुरुष-विवेक व्यास उवाच मनो विसृजते भावं बुद्धिरध्यवसायिनी । हृदयं प्रियाप्रिये वेद त्रिविधा कर्मचोदना,व्यासजी कहते हैं--पुत्र! कर्म करनेमें तीन प्रकारसे प्रेरणा प्राप्त होती है। पहले तो मन संकल्पमात्रसे नाना प्रकारके भावकी सृष्टि करता है, बुद्धि उसका निश्चय करती है। तत्पश्चात् हृदय उनकी अनुकूलता और प्रतिकूलताका अनुभव करता है। (इसके बाद कर्ममें प्रवृत्ति होती है)
vyāsa uvāca | mano visṛjate bhāvaṃ buddhir adhyavasāyinī | hṛdayaṃ priyāpriye veda trividhā karmacodanā ||
วยาสะกล่าวว่า: “ลูกเอ๋ย การกระทำถูกขับเคลื่อนด้วยเหตุสามประการ. ประการแรก ใจ (มโน) เพียงตั้งเจตนาก็ปรุงแต่งภาวะต่าง ๆ; จากนั้นปัญญา (พุทธิ) จึงตัดสินแน่วแน่; แล้วหัวใจย่อมรู้สึกว่าเป็นที่พอใจหรือไม่น่าพอใจ. ด้วยแรงกระตุ้นสามประการนี้เอง มนุษย์จึงก้าวเข้าสู่การกระทำ.”
व्यास उवाच