Yoga-kṛtya (योककृत्य) — Vyāsa on Sense-Restraint, Obstacles, and Brahman-Realization
स वै सृजति भूतानि स्थावराणि चराणि च । ततः स सृजति ब्रह्मा देवर्षिपितृमानवान्,तदनन्तर वे ब्रह्मा ही चराचर प्राणियोंकी सृष्टि करते हैं। वे ही देवता, ऋषि, पितर, मनुष्य, नाना प्रकारके लोक, नदी, समुद्र, दिशा, पर्वत, वनस्पति, किन्नर, राक्षस, पशु, पक्षी, मृग तथा सर्पोको भी उत्पन्न करते हैं। अक्षय आकाश आदि और क्षयशील चराचर प्राणियोंकी सृष्टि भी उन्हींके द्वारा हुई है
sa vai sṛjati bhūtāni sthāvarāṇi carāṇi ca | tataḥ sa sṛjati brahmā devarṣi-pitṛ-mānavān |
พระองค์ทรงสร้างสรรพสัตว์ทั้งปวง ทั้งที่อยู่นิ่งและที่เคลื่อนไหว แล้วต่อมาพระพรหมองค์นั้นเองทรงบังเกิดเหล่าเทวะ ฤๅษีทิพย์ ปิตฤ และมนุษย์
व्यास उवाच