योग–सांख्यसमन्वयः, रथोपमा, व्यक्त–अव्यक्तविवेकः
Yoga–Sāṃkhya Synthesis, Chariot Allegory, and the Vyakta–Avyakta Distinction
प्राकारागारविध्वंसान्न सम ते प्रतिकुर्वते । नाद्रियन्ते पशून् बद्ध्वा यवसेनोदकेन च,उनके गाँवों और नगरोंकी चहारदिवारी तथा घर गिर जाते हैं; परंतु वे उसकी मरम्मत नहीं कराते हैं। दैत्यलोग पशुओंको घरमें बाँध देते हैं, किंतु चारा और पानी देकर उनकी सेवा नहीं करते हैं
กำแพงล้อมและเรือนในหมู่บ้านกับนครของพวกเขาพังทลายลง แต่พวกเขาก็มิได้ซ่อมแซมเลย เหล่าทานวะผูกสัตว์เลี้ยงไว้ในเรือน ทว่าไม่ให้อาหารหญ้าและน้ำเพื่อปรนนิบัติ
शक्र उवाच