सत्य–अनृत, प्रकाश–तमस्, स्वर्ग–नरक विवेचनम्
Truth and Untruth as Light and Darkness; Svarga and Naraka as Ethical Consequences
भरद्वाज उवाच पुष्कराद् यदि सम्भूतो ज्येष्ठ भवति पुष्करम् | ब्रह्माणं पूर्वजं चाह भवान् संदेह एव मे,भरद्वाजने पूछा--प्रभो! यदि ब्रह्माजी कमलसे प्रकट हुए तब तो कमल ही ज्येष्ठ प्रतीत होता है; परंतु आपने ब्रह्माजीको पूर्वज बताया है; अतः यह संदेह मेरे मनमें बना ही रह गया
ภรทวาชกล่าวว่า “ข้าแต่พระผู้เป็นเจ้า! หากพรหมาอุบัติจากดอกบัว ดอกบัวก็ควรเป็นผู้ใหญ่กว่า; แต่ท่านกลับกล่าวว่าพรหมาเป็นผู้ก่อนหน้า ด้วยเหตุนี้ความสงสัยในใจข้ายังมิได้คลาย”
भरद्वाज उवाच