कपोती-विलापः स्वर्गसंयोगश्च
The Dove’s Lament and Celestial Reunion
मेघसंकुलमाकाशं विद्युन्मण्डलमण्डितम् | संछन्नस्तु मुहूर्तेन नौसार्थरिव सागर:,आकाशमें मेघोंकी घटाएँ घिर आयीं, विद्युन्मण्डलसे उसकी अपूर्व शोभा होने लगी। जैसे समुद्र नौकारोहियोंके समुदायसे ढक जाता है, उसी प्रकार दो ही घड़ीमें जल- धाराओंके समूहसे आच्छादित हुए इन्द्रदेवने व्योममण्डलमें प्रवेश किया और क्षणभरमें इस पृथ्वीको जलराशिसे भर दिया
meghasaṅkulam ākāśaṁ vidyunmaṇḍalamaṇḍitam | saṁchannastu muhūrtena nausārthariva sāgaraḥ ||
ท้องฟ้าแน่นขนัดด้วยหมู่เมฆ และงามประดับด้วยวงแหวนแห่งสายฟ้า ไม่นานก็ถูกปกคลุมสิ้น—ดุจมหาสมุทรเมื่อแน่นไปด้วยหมู่เรือ
भीष्म उवाच