यास्तु कोशबलत्यागाच्छक्यास्तरितुमापद: । कस्तत्राधिकमात्मान संत्यजेदर्थधर्मवित्,खजाना और सेनाका त्याग कर देनेसे ही जहाँ विपत्तियोंको पार किया जा सके, ऐसी परिस्थितिमें कौन अर्थ और धर्मका ज्ञाता पुरुष अपनी सबसे अधिक मूल्यवान् वस्तु शरीरका त्याग करेगा?
เมื่อภัยพิบัติสามารถข้ามพ้นได้เพียงด้วยการสละคลังและกำลังทัพ แล้วผู้รู้ทั้งอรรถะและธรรมะผู้ใดเล่าจะสละสิ่งล้ำค่ายิ่ง—คือกายของตนเอง?
भीष्म उवाच