अर्जुनकर्णयोर्युद्धवर्णनम्
Description of the Arjuna–Karṇa Engagement and Counsel to Duryodhana
ततोथब्रवीदर्जुनो भीमसेन॑ संशप्तका: प्रत्यनीकं स्थिता मे । एतानहत्वाद्य मया न शक््य- मितो<5पयातुं रिपुसड्घगोष्ठात्,तब अर्जुनने भीमसेनसे कहा--'भैया! संशप्तकगण मेरे विपक्षमें खड़े हैं। इन्हें मारे बिना आज मैं इस शत्रु-समुदायरूपी गोष्ठसे बाहर नहीं जा सकता”
แล้วอรชุนกล่าวแก่ภีมเสนว่า “พี่ชาย! พวกสํศัปตกะตั้งกระบวนเป็นแนวต้านอยู่ต่อหน้าข้า หากข้ายังมิได้สังหารพวกเขาในวันนี้ ข้าย่อมไม่อาจถอนตัวออกจากชุมนุมแห่งหมู่ศัตรูนี้ได้”
भीमसेन उवाच