Karna Reproves Shalya; Brahmin Reports on Bāhlīkas; Shalya’s Universalizing Rebuttal (कर्ण–शल्य संवादः)
धनुषो हास्य कर्माणि दिव्यानि प्राह भार्गव: । तद् रामो हाददान्महां तेन योत्स्यामि पाण्डवम्,स्वयं भूगुनन्दन परशुरामने ही मुझे उस धनुषके दिव्य कर्म बताये हैं और उसे उन्होंने मुझे अर्पित कर दिया है; उसी धनुषके द्वारा मैं पाण्डुकुमार अर्जुनके साथ युद्ध करूँगा
ภฤคุนันทน์ ปรศุรามได้บอกข้าถึงฤทธิ์เดชอันเป็นทิพย์ของคันธนูนั้น และพระรามเองก็ได้มอบมันแก่ข้า; ด้วยคันธนูนั้นเอง ข้าจะออกศึกกับอรชุน โอรสแห่งปาณฑุ
कर्ण उवाच