काकोपमोपदेशः
The Crow-and-Swan Exemplum as Counsel to Karṇa
धर्मराजो महाशरक्ति प्राहिणोत् तव सूनवे । दीप्यमानां महावेगां महोल्कां ज्वलितामिव,दण्डधारी यमराजके समान उसे गदा उठाये देख धर्मराजने आपके उस पुत्रपर अत्यन्त वेगशालिनी महाशक्तिका प्रहार किया, जो प्रज्वलित हुई बड़ी भारी उल्काके समान देदीप्यमान हो रही थी
ครั้นธรรมราชเห็นเขายกกระบองดุจพระยมราชผู้ถือทัณฑ์ ก็ทรงซัด “มหาศักติ” อันมีกำลังและความเร็วใหญ่หลวงใส่โอรสของท่าน—สว่างโชติช่วงประหนึ่งอุกกาบาตมหึมาที่ลุกโพลง
संजय उवाच