भीमसेनस्य गदायुद्ध-प्रभावः
The Battlefield Impact of Bhīmasena’s Mace Combat
तत्रावहारं सम्प्राप्तं मन्ये5हं पुरुषर्षभ । श्रान्ता भीताश्न नो योधा न योत्स्यन्ति कथंचन,“अतः नरश्रेष्ठ! मैं इस समय समस्त सैनिकोंको युद्धसे हटा लेना ही उचित समझता हूँ। हमारे सभी योद्धा थके-माँदे और डरे हुए हैं; अतः इस समय किसी तरह युद्ध नहीं कर सकेंगे”
ฉะนั้น โอ้ยอดบุรุษ! ข้าพเจ้าเห็นว่าเวลานี้ควรถอนทัพออกจากการรบ เหล่านักรบของเราล้วนเหนื่อยล้าและหวาดหวั่น จึงไม่อาจทำศึกได้ไม่ว่าประการใด
संजय उवाच