Daiva–Puruṣakāra Discourse and the Elephant-Corps Engagement (भीमगजानीक-सम्भ्रान्ति)
अभ्यधावन्त समरे निषादान् सह राजभि: । ततः प्रववृते युद्धें घोररूपं भयावहम्,तब भीमसेनके पदचिह्लोंपर चलनेवाले चेदि, मत्स्य तथा करूषदेशके क्षत्रियोंने समरभूमिमें निषादों एवं उनके राजाओंपर आक्रमण किया। फिर तो दोनों दलोंमें अत्यन्त घोर और भयंकर युद्ध होने लगा
พวกเขาพุ่งเข้าหาพวกนิษาทะพร้อมราชาของพวกนั้นในสนามรบ; แล้วศึกอันดุเดือดน่าสะพรึงก็ปะทุขึ้น
संजय उवाच