कृष्णद्वैपायनाच्चैव तच्च सत्यं न संशय: । न च द्वेषो5स्ति मे तात त्वयि सत्यं ब्रवीमि ते,“तात! श्रीकृष्णद्वैपायन व्याससे भी तुम्हारे जन्मका वृत्तान्त ज्ञात हुआ था और जो कुछ ज्ञात हुआ, वह सत्य है। इसमें संदेह नहीं है। तुम्हारे प्रति मेरे मनमें द्वेष नहीं है; यह मैं तुमसे सत्य कहता हूँ
kṛṣṇadvaipāyanāccaiva tacca satyaṃ na saṃśayaḥ | na ca dveṣo 'sti me tāta tvayi satyaṃ bravīmi te ||
สัญชัยกล่าวว่า—“ลูกเอ๋ย เรื่องนี้แม้พระกฤษณะทไวปายนะวยาสะก็รู้ และสิ่งที่ท่านรู้เป็นความจริง—ปราศจากข้อกังขา และลูกเอ๋ย เรามิได้มีความชิงชังต่อเจ้าเลย เรากล่าวความจริงแก่เจ้า”
संजय उवाच