सीमावृक्षे निपतिते कुरूणां समितिंजये । सेनयोरुभयो राजन क्षत्रियानू भयमाविशत्,राजन! कुरुकुलके युद्धविजयी वीर भीष्म दोनों दलोंके लिये सीमावर्ती वृक्षके समान थे। उनके गिर जानेसे उभय पक्षकी सेनाओंमें जो क्षत्रिय थे, उनके मनमें भारी भय समा गया
saṃjaya uvāca | sīmāvṛkṣe nipatite kurūṇāṃ samitiṃjaye | senayor ubhayo rājan kṣatriyānū bhayam āviśat ||
สัญชัยกล่าวว่า—ข้าแต่พระราชา ครั้นภีษมะผู้ชนะในสมรภูมิของเหล่ากุรุ ผู้ประหนึ่งต้นไม้เขตแดน ได้ล้มลง ความหวาดหวั่นก็แทรกซึมสู่ดวงใจของกษัตริย์นักรบในกองทัพทั้งสองฝ่าย
संजय उवाच