भीष्मस्य शरवर्षः — Bhīṣma’s Arrow-Storm and Kṛṣṇa’s Impulse to Intervene
कृपश्च कृतवर्मा च शैब्यश्वैव महारथ: । शकुनि: सैन्धवश्वैव काम्बोजश्न सुदक्षिण:,भारत! कृपाचार्य, कृतवर्मा, महारथी शैब्य, शकुनि, सिन्धुराज जयद्रथ तथा काम्बोजराज सुदक्षिण--ये सब नरेश भीष्म तथा आपके पुत्रोंके साथ सम्पूर्ण सेनाके आगे तथा व्यूहके प्रमुख भागमें खड़े हुए थे
ทั้งครูกรปะ กฤตวรมัน มหารถะไศพยะ ศกุนิ ชยทรถราชาแห่งสินธุ และสุทักษิณราชาแห่งกัมโพชะ—ล้วนอยู่ ณ ที่นั้น
संजय उवाच