भीष्म उवाच ततः प्रहस्य भगवान् जमदग्निरुवाच तम् । न भी: सूर्य त्वया कार्या प्रणिषातगतो हासि,भीष्मजी कहते हैं--राजन्! सूर्यदेवकी यह बात सुनकर भगवान् जमदग्नि हँस पड़े और उनसे बोले--'सूर्यदेव! अब तुम्हें भय नहीं मानना चाहिये; क्योंकि तुम मेरे शरणागत हो गये हो
ภีษมะกล่าวว่า ครั้นได้ฟังถ้อยคำของสุริยะแล้ว พระชามทัคนีทรงแย้มสรวลและตรัสแก่เขาว่า “โอ้สุริยะ บัดนี้เจ้าไม่ควรหวาดกลัว เพราะเจ้าได้เข้ามาเป็นผู้ขอพึ่งพิงเราแล้ว”
भीष्म उवाच