Vipula’s Yogic Protection of the Guru’s Household (विपुलस्य योगरक्षा / Vipulasya Yogarakṣā)
समाज्ञातानृद्धिमतः प्रतिरूपान् वशे स्थितान् । पतीनन्तरमासाद्य नाल॑ नार्य: प्रतीक्षितुम्,यदि स्त्रियोंको दूसरोंसे मिलनेका अवसर मिल जाय तो वे सदगुणोंमें विख्यात, धनवान, अनुपम रूप-सौन्दर्यशाली तथा अपने वशमें रहनेवाले पतियोंकी भी प्रतीक्षा नहीं कर सकतीं
หากสตรีได้โอกาสพบชายอื่น นางย่อมไม่อาจรอคอยแม้สามีของตนเอง ผู้เลื่องชื่อด้วยคุณธรรม มั่งคั่ง งามล้ำ และอยู่ในอำนาจของนาง
भीष्म उवाच