कुरुवंशप्रश्नः—दुःषन्तस्य राजधर्मवर्णनम्
Kuru Lineage Inquiry and the Portrait of King Duḥṣanta’s Rule
इदं हि वेद: समितं पवित्रमपि चोत्तमम् | श्रव्यं श्रुतिसुखं चैव पावनं शीलवर्धनम्,यह महाभारत वेदोंके समान पवित्र और उत्तम है। यह सुननेयोग्य तो है ही, सुनते समय कानोंको सुख देनेवाला भी है। इसके श्रवणसे अन्तःकरण पवित्र होता और उत्तम शील-स्वभावकी वृद्धि होती है
มหาภารตะนี้ประหนึ่งพระเวท เป็นคัมภีร์อันบริสุทธิ์และประเสริฐยิ่ง ควรแก่การสดับรับฟัง ทั้งยังรื่นหูเมื่อได้ยิน การฟังย่อมชำระจิตใจให้ผ่องใส และเพิ่มพูนศีลธรรมกับอุปนิสัยอันงาม
वैशम्पायन उवाच