Ādi-parva 109: Pāṇḍu’s Forest Hunt and Kiṃdama’s Curse (पाण्डोर्मृगयावृत्तान्तः—किंदमशापः)
त्रिषु लोकेषु न त्वासीत् कश्चिद् विदुरसम्मित: । धर्मनित्यस्तथा राजन् धर्मे च परमं गत:,राजन! तीनों लोकोंमें विदुरजीके समान दूसरा कोई भी मनुष्य धर्मपरायण तथा धर्ममें ऊँची अवस्थाको प्राप्त (आत्मद्रष्टा)- नहीं था
ข้าแต่พระราชา! ในสามโลกหาได้มีผู้ใดเสมอด้วยวิทุระไม่—ผู้ตั้งมั่นในธรรมเป็นนิตย์ และบรรลุถึงฐานะอันสูงสุดในธรรม
वैशम्पायन उवाच