Bhīṣma’s Appraisal of Kaurava Champions (भीष्मकृतः रथिनां गुणनिरूपणम्)
अर्थसिद्धि तव रणे करिष्यति न संशय: । शस्त्रविद्धिरनाधृष्यो दूरपाती दृढायुध:,हनिष्यति चमूं तेषां महेन्द्रो दानवानिव । ये युद्धमें तुम्हारे अभीष्ट अर्थकी सिद्धि करेंगे। इसमें संशय नहीं है। बड़े-बड़े शस्त्रवेत्ता भी इन्हें परास्त नहीं कर सकते। इनके आयुध अत्यन्त दृढ़ हैं और ये दूरके लक्ष्यको भी मार गिरानेमें समर्थ हैं। जैसे देवराज इन्द्र दानवोंका संहार करते हैं, उसी प्रकार ये भी पाण्डवोंकी सेनाका विनाश करेंगे
bhīṣma uvāca |
arthasiddhiṁ tava raṇe kariṣyati na saṁśayaḥ |
śastraviddhir anādhṛṣyo dūrapātī dṛḍhāyudhaḥ |
haniṣyati camūṁ teṣāṁ mahendro dānavān iva ||
యుద్ధంలో అతడు నీకు కావలసిన లక్ష్యసిద్ధిని తప్పక సాధిస్తాడు—సందేహం లేదు. ఆయుధవిద్యలో నిపుణుడు, మహా శస్త్రవేత్తలకూ అజేయుడు; దృఢాయుధధారి, దూర లక్ష్యాన్నీ ఛేదించగలవాడు. దేవేంద్రుడు మహేంద్రుడు దానవులను సంహరించినట్లే, అతడు వారి సేనను నాశనం చేస్తాడు.
भीष्म उवाच