भीष्मद्रोणयोर्दुर्योधनं प्रति शान्त्युपदेशः | Bhīṣma and Droṇa’s Counsel to Duryodhana for Pacification
“जो लोग तुम्हें युद्धके लिये उत्साहित कर रहे हैं, ये कभी तुम्हारे काम नहीं आ सकते। ये युद्धका अवसर आनेपर वैरका बोझ दूसरेके कंधेपर डाल देंगे ।। मा जीघन: प्रजा: सर्वा: पुत्रान् ली हि स्तथैव च । वासुदेवार्जुनौ यत्र विद्धवजेयानलं हि तान्,“समस्त प्रजाओं, पुत्रों और भाइयोंकी हत्या न कराओ। जिनकी ओर भगवान् श्रीकृष्ण और अर्जुन हैं, उन्हें युद्धमें अजेय समझो
vaiśampāyana uvāca | mā jīghnaḥ prajāḥ sarvāḥ putrān bhrātṝṃs tathaiva ca | vāsudevārjunau yatra viddhy ajeyānalaṃ hi tān ||
సమస్త ప్రజలూ, కుమారులూ, సోదరులూ హతమయ్యేలా చేయకు. వాసుదేవుడు (శ్రీకృష్ణుడు) మరియు అర్జునుడు ఉన్న చోట, వారిని యుద్ధంలో అజేయులుగా నిశ్చయంగా తెలుసుకో.
वैशम्पायन उवाच