Śoka-śamana: Kṛṣṇa’s Consolation and Nārada’s Exempla to Sṛñjaya
Chapter 29
हिरण्यकवचा: सर्वे सर्वे चोत्तमधन्विन:,“वे सभी राजकुमार सुवर्णमय कवच धारण करनेवाले और उत्तम धनुर्धर थे। एक-एक राजकुमारको अलग-अलग सौ-सौ कन्याएँ ब्याही गयी थीं। प्रत्येक कन्याके साथ सौ-सौ हाथी प्राप्त हुए थे। हर एक हाथीके पीछे सौ-सौ रथ मिले थे
hiraṇyakavacāḥ sarve sarve cottamadhanvinaḥ |
వాయువు అన్నాడు—వారందరూ స్వర్ణకవచాలు ధరించినవారు; వారందరూ ఉత్తమ ధనుర్ధరులే।
वायुदेव उवाच