मृत्यु-काल-प्रबोधनम् (Instruction on Mortality, Time, and Truth) — Mahābhārata, Śānti-parva 169
जन्मशीलगुणोपेता: संधेया: पुरुषोत्तमा: | जो प्रतिदिन शास्त्रोंका स्वाध्याय करते हैं, क्रोधको काबूमें रखते हैं और युद्धमें सदा प्रबल रहते हैं। जिनका उत्तम कुलमें जन्म हुआ है, जो शीलवान् और श्रेष्ठ गुणोंसे सम्पन्न हैं, वे श्रेष्ठ पुरुष ही मित्र बनानेके योग्य होते हैं
ఉత్తమ వంశంలో జన్మించి, శీలసంపన్నులై, శ్రేష్ఠ గుణాలతో యుక్తులైన పురుషులే మైత్రి—అంటే సంధి—చేయదగిన పురుషోత్తములు.
भीष्म उवाच