गदायुद्धप्रतिज्ञा — The Vow and Terms of the Mace Duel
जलस्थं तं महाराज तव पुत्र महाबलम् | अभ्यभाषत कौन्तेय: प्रहसन्निव भारत,संजय कहते हैं--महाराज! भरतनन्दन! भगवान् श्रीकृष्णके ऐसा कहनेपर उत्तम एवं कठोर व्रतका पालन करनेवाले पाण्डुकुमार कुन्तीनन्दन युधिष्ठिरने जलमें स्थित हुए आपके महाबली पुत्रसे हँसते हुए-से कहा--
మహారాజా! నీటిలో ఉన్న నీ మహాబలవంతుడైన కుమారుని కౌంతేయుడు యుధిష్ఠిరుడు, ఓ భారతశ్రేష్ఠా, చిరునవ్వుతోనెట్లు సంభాషించెను.
संजय उवाच