Bhūriśravas–Sātyaki Saṃvāda and Duel; Arjuna’s Intervention (भूरिश्रवाः–सात्यकि संवादः, युद्धम्, अर्जुन-हस्तक्षेपः)
शरैरग्न्यर्कसंकाशै: प्रदुद्राव समन्तत: । उनमेंसे कुछ हाथी चक्कर काटने लगे, कुछ लड़खड़ाने लगे, कुछ धराशायी हो गये और कुछ पीड़ाके मारे अत्यन्त शिथिल हो गये थे। इस प्रकार युयुधानके अग्नि और सूर्यके समान तेजस्वी बाणोंद्वारा पीड़ित हुई हाथियोंकी वह सेना सब ओर भाग गयी
అగ్ని, సూర్యుని వంటి తేజస్సు గల బాణాలతో బాధింపబడిన ఆ గజసేన అన్ని దిశలకూ పారిపోయెను। వారిలో కొందరు ఏనుగులు చక్రంలా తిరుగసాగిరి, కొందరు తడబడిరి, కొందరు నేలకొరిగిరి, మరికొందరు వేదనచేత అత్యంత శిథిలులైరి।
संजय उवाच