भीष्मस्य मध्याह्नयुद्धवर्णनम् / Mid-day Battle Description: Bhīṣma Engaged by the Pāñcālas
अधनस्य मृतं श्रेयो न च ज्ञातिवधाद् धनम् । कि नु प्राप्स्यामहे कृष्ण हत्वा ज्ञातीनू समागतान्,“मनुष्यका निर्धन रहकर मर जाना अच्छा है, परंतु जाति-भाइयोंके वधसे धन प्राप्त करना कदापि अच्छा नहीं है। कृष्ण! हम यहाँ आये हुए इन जाति-भाइयोंको मारकर क्या प्राप्त कर लेंगे
ధనంలేక మరణించడమే మేలు; కానీ స్వజనులను వధించి ధనం పొందడం మేలు కాదు. కృష్ణా! ఇక్కడ సమాగమమైన ఈ బంధువులను చంపి మనం ఏమి పొందగలము?
संजय उवाच