Chapter 89: Bhīma dispatched to protect Ghaṭotkaca amid escalating engagements
कृतस्वस्त्ययना: सर्वे संस्तूयन्तश्न वन्दिभि: । गीतवादित्रशब्देन व्यक्रीडन्त यशस्विन:,तदनन्तर उभय पक्षके शूरवीरोंने सब ओर सैनिक गुल्मोंको- नियुक्त करके विधिपूर्वक अपने-अपने शिविरोंकी रक्षाकी व्यवस्था की। फिर अपने शरीरसे बाणोंको निकालकर भाँति-भाँतिके जलसे स्नान करके स्वस्तिवाचन करानेके अनन्तर बन्दीजनोंके मुखसे अपनी स्तुति सुनते हुए वे सभी यशस्वी वीर गीत और वाद्योंके शब्दोंसे क्रीड़ा-विनोद करने लगे
sañjaya uvāca | kṛtasvastyayanāḥ sarve saṃstūyantaś ca vandibhiḥ | gītavāditraśabdena vyakrīḍanta yaśasvinaḥ ||
స్వస్తివాచనములు మంగళకర్మలు పూర్తయ్యాక, వందిమాగధులు స్తుతించగా, ఆ యశస్వి వీరులు గీత-వాద్యధ్వనుల మధ్య క్రీడా-వినోదాలలో మునిగిపోయారు.
संजय उवाच