Makara-vyūha and Krauñca-prativyūha at Sunrise (मकरव्यूहः क्रौञ्चप्रतिव्यूहश्च)
यदर्थ नृषु सम्भूती नरनारायणावृषी,“ऋषि नर और नारायण जिस उद्देश्यसे मनुष्योंमें अवतीर्ण हुए हैं, वे दोनों अपराजित वीर जिस प्रकार युद्धमें अवध्य हैं तथा समस्त पाण्डव भी जिस प्रकार समरभूमिमें किसीके लिये भी वध्य नहीं हैं, वह सब विषय तुमने अच्छी तरह सुन लिया
ఋషులు నర-నారాయణులు ఏ ఉద్దేశ్యంతో మనుష్యులలో అవతరించారో,
संजय उवाच