Vāsudeva-Māhātmya: Duryodhana’s Inquiry and Bhīṣma’s Theological Account of Keśava
अभ्ययाज्जवनैरश्वैः पाण्डवानामनीकिनीम् । महत्या सेनया गुप्तस्तव पुत्रैश्न सर्वश:,संजयने कहा--भारत! उस दिन जब पूर्वह्नकालका अधिक भाग व्यतीत हो गया, सूर्यदेव पश्चिम दिशामें जाकर स्थित हुए और विजयको प्राप्त हुए महामना पाण्डव खुशी मनाने लगे, उस समय सब धर्मोके विशेषज्ञ आपके ताऊ भीष्मजीने वेगशाली अअश्रोंद्वारा पाण्डवोंकी सेनापर आक्रमण किया। उनके साथ विशाल सेना चली और आपके पुत्र सब ओरसे उनकी रक्षा करने लगे
sañjaya uvāca |
abhyayāj javanair aśvaiḥ pāṇḍavānām anīkinīm |
mahatyā senayā guptaḥ tava putraiś ca sarvaśaḥ ||
సంజయుడు పలికెను—అప్పుడు మీ కుమారులు అన్ని వైపుల నుండీ కాపాడగా, మహాసేన సహాయంతో భీష్ముడు వేగవంతమైన అశ్వములతో త్వరగా దూసుకెళ్లి పాండవుల సేనపై పడెను.
संजय उवाच