अधर्म: क्षत्रियस्यैष यद् व्याधिमरणं गृहे । यदयोनिधनं याति सो<स्य धर्म: सनातन:,'घरमें रोगी होकर पड़े-पड़े प्राण त्याग करना क्षत्रियके लिये अधर्म माना गया है। वह युद्धमें लोहेके अस्त्र-शस्त्रोंद्रारा आहत होकर जो मृत्युको अंगीकार करता है, वही उसका सनातन धर्म है”
ఇంట్లో వ్యాధితో పడిపోయి మరణించడం క్షత్రియునికి అధర్మం. యుద్ధంలో ఇనుప ఆయుధాల దెబ్బలకు గాయపడి మరణాన్ని స్వీకరించడమే అతని సనాతన ధర్మం.
संजय उवाच