Śākadvīpa–Pramāṇa–Varṇana
Measurements and Description of Śākadvīpa
क्रौज्चात् परो वामनको वामनादनन््धकारक: । अन्धकारात् परो राजन् मैनाक: पर्वतोत्तम:,राजन! क्रौंचके बाद वामन पर्वत है, वामनके बाद अन्धकार और अन्धकारके बाद मैनाक नामक श्रेष्ठ पर्वत है। प्रभो! मैनाकके बाद उत्तम गोविन्द गिरि है। गोविन्दके बाद निबिड नामक पर्वत है
సంజయుడు అన్నాడు—ఓ రాజా, క్రౌంచ తరువాత వామనక పర్వతం; వామనక తరువాత అంధకారక; అంధకారక తరువాత మైనాక అనే శ్రేష్ఠ పర్వతం ఉంది.
संजय उवाच