Daśame’hani Bhīṣma-yuddham — Śikhaṇḍī-rakṣaṇa, Arjuna-prabhāva, Duryodhana-āśraya-vākyam
प्रतिजग्राह राजेन्द्र तोयवृष्टिमिवाचल: । उन्होंने पाण्डुनन्दन अर्जुनके रथपर बाणोंकी वर्षा प्रारम्भ कर दी। राजेन्द्र! अर्जुनने सब ओरसे होनेवाली उस बाण-वर्षाको उसी प्रकार ग्रहण किया, जैसे पर्वत जलकी वर्षाको धारण करता है
pratijagrāha rājendra toyavṛṣṭim ivācalaḥ |
రాజేంద్రా! అర్జునుడు అన్ని వైపుల నుండీ వచ్చిన ఆ బాణవర్షాన్ని, అచల పర్వతం వానను భరించినట్లే, అచంచలంగా భరించాడు.
संजय उवाच