घोरं च निनदं तस्य पर्जन्यनिनदोपमम् | श्रुत्वा विशीर्येद् हृदयं देवानामपि संयुगे,संग्राममें मेघगर्जनाके समान गम्भीर उनका घोर सिंहनाद सुनकर देवताओंका भी हृदय विदीर्ण हो सकता है
ghoraṃ ca ninadaṃ tasya parjanya-ninadopamam | śrutvā viśīryed hṛdayaṃ devānām api saṃyuge ||
మేఘగర్జనవలె గంభీరమైన అతని భయంకర గర్జనను యుద్ధంలో వినగానే, దేవతల హృదయముకూడా చీలిపోవచ్చు।
वायुदेव उवाच