कल्मषापहर-कीर्तनम् / Kīrtana for the Removal of Impurity
तत्र कामगुणै: सर्वे: समुपेतो मुदा युतः । महाभोगो महाकोशो धनी भवति मानव:,मानवयोनिमें वह समस्त कमनीय गुणोंसे सम्पन्न एवं प्रसन्न होता है। उसके पास महान् भोगसामग्री संचित रहती है। उसका खजाना भी विशाल होता है। वह मनुष्य सभी दृष्टियोंसे धनवान् होता है
అక్కడ అతడు సమస్త కామ్యగుణాలతో సముపేతుడై ఆనందంతో నిండివుంటాడు. అతనికి మహాభోగసామగ్రి సమృద్ధిగా ఉంటుంది; అతని ఖజానా విశాలమై, ఆ మనిషి అన్ని విధాల ధనవంతుడవుతాడు।
श्रीमहेश्वर उवाच