भृगुवंश-प्रस्तावना तथा पुलोमा–अग्नि-संवादः
Bhrigu Lineage Preface and the Pulomā–Agni Dialogue
पूजित: प्रवरो वंशो भार्गवो भगुनन्दन । इमं वंशमहं पूर्व भार्गव ते महामुने,मेरे पिताने जिस पुराणविद्याका भलीभाँति अध्ययन किया था, वह सब मैंने उन्हींके मुखसे पढ़ी और सुनी है। भूगुनन्दन! आप पहले उस सर्वश्रेष्ठ भुगुवंशका वर्णन सुनिये, जो देवता, इन्द्र, ऋषि और मरुदगणोंसे पूजित है। महामुने! आपके इस अत्यन्त दिव्य भार्गववंशका परिचय देता हूँ। यह परिचय अदभुत एवं युक्तियुक्त तो होगा ही, पुराणोंके आश्रयसे भी संयुक्त होगा। हमने सुना है कि स्वयम्भू ब्रह्माजीने वरुणके यज्ञमें महर्षि भगवान् भृगुको अग्निसे उत्पन्न किया था। भृगुके अत्यन्त प्रिय पुत्र च्यवन हुए, जिन्हें भार्गव भी कहते हैं
śaunaka uvāca |
pūjitaḥ pravaro vaṃśo bhārgavo bhṛgunandana |
imaṃ vaṃśam ahaṃ pūrvaṃ bhārgava te mahāmune ||
ఓ భృగునందన! భార్గవ వంశము పూజితమై శ్రేష్ఠమైనది. ఓ మహామునీ! నేను ముందుగా ఆ వంశమునే నీకు వివరించెదను.
शौनक उवाच