न चोपकृतमस्माभिर्न चास्मान् वेत्थ ये वयम् । पीड्यमाना बिभर्ष्यस्मान् का सती के वयं तव,हमने तुम्हारा कोई उपकार नहीं किया है और हम पहले कौन थे, इस बातको भी तुम नहीं जानतीं। फिर तुम क्यों कष्ट सहकर हमारी रक्षा करना चाहती हो? तुम हमारी कौन हो और हम तुम्हारे कौन हैं?
మేము నీకు ఏ ఉపకారమూ చేయలేదు; మేమెవరో నీవు కూడా ఎరుగవు. అయినా బాధపడుతూ మా రక్షణ ఎందుకు చేస్తావు? నీవు మా ఎవరు, మేము నీ ఎవరం?
वैशम्पायन उवाच