Adhyāya 61: Saṃmohana-astra and the Kuru Withdrawal (संमोहनास्त्रं तथा कुरुनिवृत्तिः)
वैशम्पायन उवाच एवमुक््त्वा महाबाहुर्वैराटिं नरसत्तम: । अर्जुनो रथिनां श्रेष्ठ उत्तरं वाक्यमब्रवीत्,वैशम्पायनजी कहते हैं--राजन! इस प्रकार समझा-बुझाकर रथियोंमें श्रेष्ठ और मनुष्योंमें सर्वोत्तम महाबाहु अर्जुन विराट-कुमार उत्तरसे पुनः: यह वचन बोले--
वैशम्पायन उवाच—एवमुक्त्वा महाबाहुर्वैराटिं नरसत्तमः। अर्जुनो रथिनां श्रेष्ठ उत्तरं वाक्यमब्रवीत्॥
वैशम्पायन उवाच