देवविमान-दर्शनम् / The Celestial Assembly and Vimana Spectacle
Bhīṣma–Arjuna Encounter Framed Cosmically
शत्रोरपि गुणा ग्राह्मा दोषा वाच्या गुरोरपि । सर्वथा सर्वयत्नेन पुत्रे शिष्ये हितं वदेत्,शत्रुके भी गुण ग्रहण करने चाहिये और गुरुके भी दोष बतानेमें संकोच नहीं करना चाहिये। गुरुको सब प्रकारसे पूर्ण प्रयत्न करके पुत्र और शिष्यके लिये जो हितकर हो, वही बात कहनी चाहिये
शत्रोरपि गुणा ग्राह्या दोषा वाच्या गुरोरपि । सर्वथा सर्वयत्नेन पुत्रे शिष्ये हितं वदेत् ॥
भीष्म उवाच