Karna’s Martial Boast and Challenge to Bībhatsu
Arjuna
जिसकी धार सुन्दर एवं पतली है, जिसकी म्यान विचित्र और मूठ सोनेकी है, वह तीस अंगुलसे बड़ा सर्वोत्तम खड्ग परम बुद्धिमान् कुरुनन्दन धर्मराजका है ।। यस्तु पाउचनखे कोशे निहितक्रित्रयोधने । नकुलस्यैष निस्त्रिंशो गुरुभारसहो दृढ:
yas tu pāñcanakhe kośe nihitaḥ kṛttrayodhane | nakulasya eṣa nistriṁśo gurubhārasaho dṛḍhaḥ ||
उत्तरोवाच—यस्तु पञ्चनखे कोशे निहितः कृतयोधने । नकुलस्यैष निस्त्रिंशो गुरुभारसहो दृढः ॥
उत्तर उवाच