शमीवृक्षस्थायुधप्रकाशनम् / Revelation and Identification of the Weapons on the Śamī Tree
तथा स्त्रीषु प्रतिश्रुत्य पौरुषं पुरुषेषु च । कत्थमानो5भिनिर्याय किमर्थ न युयुत्ससे,तुम स्त्रियों और पुरुषोंके बीच कौरवोंको हराकर अपने गोधनको वापस लानेकी प्रतिज्ञा करके पुरुषार्थके विषयमें अपनी श्लाघा करते हुए युद्धके लिये निकले थे; फिर अब क्यों युद्ध नहीं करना चाहते?
tathā strīṣu pratiśrutya pauruṣaṃ puruṣeṣu ca | katthamāno 'bhiniryāya kimarthaṃ na yuyutsase ||
तथा स्त्रीषु प्रतिश्रुत्य पौरुषं पुरुषेषु च। कत्थमानोऽभिनिर्याय किमर्थं न युयुत्ससे॥
वैशम्पायन उवाच