Nara-Nārāyaṇa Precedent and Bhīṣma’s Counsel on Kṛṣṇa–Arjuna; Karṇa’s Reply
सनातनौ महात्मानौ कृष्णावेकरथे स्थितौ । दुर्योधन तदा तात स्मर्तासि वचनं मम,वत्स दुर्योधन! जब तुम देखोगे कि दोनों सनातन महात्मा श्रीकृष्ण और अर्जुन एक ही रथपर बैठे हैं, श्रीकृष्णके हाथमें शंख, चक्र और गदा है और भयंकर धनुष धारण करनेवाले अर्जुन निरन्तर नाना प्रकारके अस्त्र लेते और छोड़ते जा रहे हैं, तब तुम्हें मेरी बातें याद आयेंगी
sanātanau mahātmānau kṛṣṇāv ekarathe sthitau | duryodhana tadā tāta smartāsi vacanaṃ mama ||
सनातनौ महात्मानौ कृष्णावेकरथे स्थितौ। दुर्योधन तदा तात स्मर्तासि वचनं मम॥
वैशम्पायन उवाच