Kaurava Mobilization at Kurukṣetra (Duryodhana Orders War Preparations) / कुरुक्षेत्रे धार्तराष्ट्र-सैन्यसज्जा
यः सहेत रणे भीष्मं शरार्चि: पावकोपमम् | त॑ तावत् सहदेवात्र प्रब्रूहि कुरुनन्दन । स्वमतं पुरुषव्याप्र को नः सेनापति: क्षम:,“इन सबने धरनुर्वेदमें निपुणता प्राप्त की है तथा ये सब प्रकारके अस्त्रोंद्वारा युद्ध करनेमें समर्थ हैं। अब यह विचार करना चाहिये कि इन सातोंका भी नेता कौन हो? जो सभी सेना- विभागोंको अच्छी तरह जानता हो तथा युद्धमें बाणरूपी ज्वालाओंसे प्रज्वलित अग्निके समान तेजस्वी भीष्मका आक्रमण सह सकता हो। पुरुषसिंह कुरुनन्दन सहदेव! पहले तुम अपना विचार प्रकट करो। हमारा प्रधान सेनापति होनेयोग्य कौन है
yaḥ saheta raṇe bhīṣmaṁ śarārciḥ pāvakopamam | taṁ tāvat sahadevātra prabrūhi kurunandana | svamataṁ puruṣavyāghra ko naḥ senāpatiḥ kṣamaḥ ||
यः सहेत रणे भीष्मं शरार्चिः पावकोपमम् । तं तावत् सहदेवात्र प्रब्रूहि कुरुनन्दन । स्वमतं पुरुषव्याघ्र को नः सेनापतिः क्षमः ॥
वैशम्पायन उवाच