धर्म्यविजय-नियमाः
Rules for Dharmic Victory in Kṣatriya Engagement
युधिछिर उवाच अथ: य: क्षत्रियो राजा क्षत्रियं प्रत्युपाव्रजेत् । कथं सम्प्रति योद्धव्यस्तन्मे ब्रूहि पितामह,युधिष्ठिरने पूछा--पितामह! यदि कोई क्षत्रिय राजा दूसरे क्षत्रिय राजापर चढ़ाई कर दे तो उस समय उसे उसके साथ किस प्रकार युद्ध करना चाहिये यह मुझे बताइये
युधिष्ठिर उवाच—अथ यः क्षत्रियो राजा क्षत्रियं प्रत्युपाव्रजेत्। कथं सम्प्रति योद्धव्यस्तन्मे ब्रूहि पितामह॥
युधिछिर उवाच