Rāma–Jāmadagnya-janma-kāraṇa and Kṣatra-kṣaya
Paraśurāma’s origins and the depletion/restoration of kṣatriya lineages
दत्तात्रेयप्रसादेन राजा बाहुसहस्रवान् | चक्रवर्ती महातेजा विप्राणामाश्चमेधिके,दत्तात्रेयजीकी कृपासे राजा अर्जुनने एक हजार भुजाएँ प्राप्त की थीं। वह महातेजस्वी चक्रवर्ती नरेश था। उस परम धर्मज्ञ नरेशने अपने बाहुबलसे पर्वतों और द्वीपोंसहित इस सम्पूर्ण पृथ्वीको युद्धमें जीतकर अश्वमेध यज्ञमें ब्राह्मगोंको दान कर दिया था
dattātreya-prasādena rājā bāhu-sahasravān | cakravartī mahā-tejā viprāṇām aśvamedhike ||
दत्तात्रेयप्रसादेन राजा बाहुसहस्रवान् । चक्रवर्ती महातेजा विप्राणामश्वमेधिके ॥
वासुदेव उवाच