Adhyāya 284: Tapas as a Corrective to Household Attachment
Parāśara’s Instruction
आप वृष ([वृष्टिकर्ता), वृष्य (धर्मकी वृद्धि करनेवाले), गोवृष (नन्दी) और वृष (धर्म) आदि नामोंसे प्रसिद्ध हैं। कटंकट (नित्य गतिशील), दण्ड (शासक) और पचपच (सम्पूर्ण भूतोंको पचानेवाला काल) भी आपके ही नाम हैं। आपको नमस्कार है ।। नम: सर्ववरिष्ठाय वराय वरदाय च । वरमाल्यगन्धवस्त्राय वरातिवरदे नमः:,आप सबसे श्रेष्ठ वरस्वरूप और वरदाता हैं। उत्तम वस्त्र, माल्य और गन्ध धारण करते हैं तथा भक्तको इच्छानुसार एवं उससे भी अधिक वर देनेवाले हैं। आपको प्रणाम है
āpa vṛṣa (vṛṣṭikartā), vṛṣya (dharmakī vṛddhi karanevāle), govṛṣa (nandī) aura vṛṣa (dharma) ādi nāmoṃ se prasiddha haiṃ. kaṭaṅkaṭa (nitya gatiśīla), daṇḍa (śāsaka) aura pacapaca (sampūrṇa bhūtoṃ ko pacānevālā kāla) bhī āpake hī nāma haiṃ. āpako namaskāra hai. namaḥ sarvavariṣṭhāya varāya varadāya ca | varamālyagandhavastrāya varātivarade namaḥ ||
वृष इति वृष्टिकर्ता वृष्य इति धर्मवर्धनः । गोवृष इति नन्दी वृष इति धर्म एव च प्रसिद्धोऽसि । कटंकट इति नित्यगतिः दण्ड इति शासकः पचपच इति सर्वभूतपाचकः काल इति च ते नामानि । नमस्ते ।। नमः सर्ववरिष्ठाय वराय वरदाय च । वरमाल्यगन्धवस्त्राय वरातिवरदे नमः ॥
भीष्म उवाच