Adhyāya 284: Tapas as a Corrective to Household Attachment
Parāśara’s Instruction
गजेन्द्रकर्ण गोकर्ण पाणिकर्ण नमोस्तु ते । आपके कान भी सब ओरे हैं। संसारमें जो कुछ है
गजेन्द्रकर्ण गोकर्ण पाणिकर्ण नमोऽस्तु ते । शङ्कुकर्ण महाकर्ण कुम्भकर्णार्गवालय । गजेन्द्रकर्ण गोकर्ण पाणिकर्ण—एते सप्त पार्षदाः तव स्वरूपाणि; तेषु सर्वेषु ते नमः ॥
भीष्म उवाच