गरीयांसो गरीयांसमपराधे पुन: पुनः । तदा विसर्गमर्हन्ति न यथा प्रथमे तथा,यदि मनुष्य बार-बार अपराध करे, तो प्रमुख विचारकगण उसके अपराधके लिये गुरुतर दण्ड प्रदान करें। उस अवस्थामें पहले बारके अपराधकी भाँति वे बिना दण्ड दिये छोड़ देनेके योग्य नहीं रह जाते हैं
गरीयांसो गरीयांसमपराधे पुनः पुनः। तदा विसर्गमर्हन्ति न यथा प्रथमे तथा॥
इुमत्सेन उवाच