Adhyāya 199: Karma–Jñāna Causality and the Nirguṇa Brahman
Manu’s Instruction
अथ नेच्छति रागात्मा सर्व तदधितिष्ठति । यच्च प्रार्थयते तच्च मनसा प्रतिपद्यते,यदि उसके मनमें भोगोंके प्रति राग है और वह निर्गुण ब्रह्मको प्राप्त होना नहीं चाहता है तो वह सभी पुण्यलोकोंका अधिष्ठाता बन जाता है और मनसे जिस वस्तुको पाना चाहता है, उसे तुरंत प्राप्त कर लेता है
atha necchati rāgātmā sarva tad adhitiṣṭhati | yac ca prārthayate tac ca manasā pratipadyate ||
अथ नेच्छति रागात्मा सर्वं तदधितिष्ठति । यच्च प्रार्थयते तच्च मनसा प्रतिपद्यते ॥
विरूप उवाच