Āpad-dharma and Discernment in Livelihood (आपद्धर्मे विज्ञानबलम्)
उपयातो नरव्यात्र लोकपालो यमस्तदा | तमपश्यत् सुतपसमृषिं वै गौतमं तदा,गौतमने उस आश्रममें साठ हजार वर्षोतक तपस्या की। नरश्रेष्ठ। एक दिन उग्र तपस्यामें लगे हुए पवित्र महात्मा महामुनि गौतमके पास लोकपाल यम स्वयं आये। उन्होंने वहाँ आकर उत्तम तपस्वी गौतम ऋषिको देखा
उपयातो नरव्याघ्र लोकपालो यमस्तदा । तमपश्यत् सुतपसं ऋषिं वै गौतमं तदा ॥
भीष्म उवाच